स्वच्छ भारत अभियान The clean India campaign
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने 2 अक्टूबर 2014 को स्वच्छ भारत अभियान का शुभारंभ किया गया राष्ट्रपति को एक उचित श्रद्धांजलि थी जो की साफ सफाई के विषय में चिंतित रहते थे उनका पुनर्वास करने को और महान परिवर्तन का आगाज करेगा सन 2000 से सभी सदस्य थे पहल इसलिए विफल रही क्योंकि इनके साथ एक प्रभावी स्वच्छता कार्यक्रम आरंभ नहीं किया गया यदि इस कार्यक्रम को समग्रता कारण क्रियान्वित किया जाता है तो वे 2 अक्टूबर 2019 तक सभी के लिए स्वास्थ्य का लक्ष्य प्राप्त कर सकता है
Prime minister Narendra Modi launched the Swachh Bharat Abhiyan on 2 October 2014, a fitting tribute to the President worried about the cleanliness of the country. From 2000 all the members were involved in the initiative failed because an effective sanitation programme was not launched with them. If the programme is given a holistic cause, he can achieve the goal of health for all by 2 October 2019.
जीवन की गुणवत्ता Quality of life
गरीबी में रहना मानव जीवन की गुणवत्ता को खराब कर देता है और यह एक अभिशाप के साथ सामाजिक कलंक भी है अतः संपूर्ण स्वच्छता का आरंभ की सफलता है यहां पर और निर्धन तुम लोगों के जीवन स्तर में सुधार लाएगी वहीं भारत के मानव विकास सूचकांक में भी सुधार करेगी वर्तमान में संयुक्त राष्ट्र संघ के मानव विकास सूचकांक में भारत 134 स्थान पर यदि रहने को स्वच्छ वातावरण मिले तो गरीबी कम पीड़ादायक होती है वास्तव में स्वच्छ वातावरण मानव जीवन की मुख्य आवश्यकता हो जैसे वायु जल और भोजन की तरह के शारीरिक और मानसिक विकास के लिए जरूरी है इसलिए कहा जाता है ईश्वर के बाद स्वच्छता का स्थान है यदि 2019 तक संपूर्ण स्वच्छता सुनिश्चित कर लेते हैं तो राष्ट्रमंडल में भारत का स्थान हो जाएगा प्रस्तावित स्वच्छ भारत अभियान के अनुसार सरकार शहरी क्षेत्रों में 1.04 करोड़ परिवारों के लिए अलग शौचालय 500000 समुदायिक जन शौचालय बनवाई ग्रामीण क्षेत्र 8:30 करोड़ शौचालय का निर्माण किया जाएगा और अधिकतर व्यक्तिगत रूप से उपलब्ध कराया जाएगा
Living in poverty degrades the quality of human life and it is a social blot with a curse, so the total sanitation must improve the quality of life here and the poor will improve the quality of life of you as well as the human development index of the United Nations human development index. If we get a clean environment for living in India today, poverty is less painful. In fact, clean environment is the prime need of human life like air, water and food, for physical and mental development. The sanitary system is essential, therefore, said to be a place for cleanliness after the end of god, if by 2019 ensured total sanitation, India shall become a place in the commonwealth. As per the proposed swachh bharat abhiyan, the government is to have a separate toilet of 500000 community jan toilet constructed for 1.04 crore families in urban areas.
संपूर्ण स्वच्छता की दिशा में कदम Steps towards overall sanitation
सभी शहरी कस्बों में 100% सीवरेज और जल निकासी व्यवस्था के प्रावधान के साथ पूर्ण रूप से साफ किए गए अपशिष्ट पदार्थों का संरक्षण निपटान एवं जल का सिंचाई के लिए प्रयोग और गंदगी का नालों और नदियों में प्रवास पर पूर्ण तरह प्रतिबंध एक प्रभावी सीवरेज और जन्म निकासी व्यवस्था शहरी स्वच्छता की रेल का निर्माण करते शहरी एवं ग्रामीण क्षेत्रों दोनों में ही 100% ठोस कूड़े के प्रबंधन को साथ ही अंतिम अपशिष्ट पदार्थ क्या पुनर प्रक्रिया कर्ण की आवश्यकता है ग्रामीण परिवारों के स्लम क्षेत्रों में प्रातः 1:00 100% स्वच्छ शौचालय की व्यवस्था होनी चाहिए शहरी एवं ग्रामीण क्षेत्रों में सभी खुले मैदानों को या तो पक्का किया जाए या उनमें खास लगाई जाए सभी नालियों को भी पक्का किया जाए शहरी और ग्रामीण दोनों में खुले स्थानों पर कूड़ा डालने पर अधिकतर कागज एवम प्लास्टिक पर पूर्ण प्रतिबंध होना चाहिए यदि गंदे पानी को अन्य पीठ के लिए होना चाहिए शहरी एवं ग्रामीण क्षेत्र दोनों में ही गलियों और सड़कों की सफाई होनी चाहिए खाली भूखंडों की चारदीवारी की जानी चाहिए और उन्हें साफ सुथरा और हरा-भरा रखना चाहिए दूसरे से अधिक महत्वपूर्ण 2019 तक इस कार्यक्रम की एक बड़ा काम कर सकती है आवश्यकता कार्यक्रम करने में विभागों का राज्य के विभागों का भी काम है कि निगरानी एवं आंशिक प्रदान करेगी यह उचित होगा कि एक केंद्र योजना के साथ खाका तैयार करें और राज्यों के मुख्यमंत्रियों की सभा बुलाकर उन्हें सौंप कर लागत के अनुमान तैयार करने के उपाय योजना के आकार को देखते हुए आवश्यकता होगा कि अगला मंत्रालय की स्थापना की जाए जो कि इसके लिए एक वित्तीय और प्रकाश की ढांचा तैयार करने के लिए राज्यों के स्तर पर अक्टूबर 2019 इस कार्यक्रम को क्रियान्वित करने के लिए निर्देश दे सकें इस अभियान के समक्ष कठिन एवं कार्य संबंधित चुनौतियां हैं आर्थिक रूप से लक्ष्य की तारीख तक सरकार को सालाना जीडीपी का दो से तीन प्रतिशत की आवश्यकता होगी इसके विशाल संसाधनों को जुटाने के केवल चार ही उपाय है त्वरित विकास द्वारा संभव राजस्व में बढ़ोतरी मध्यमवर्ग को दी जाने वाली सब्सिडी में कटौती की रसोई गैस पर सामाजिक योजनाओं में होने वाली के हस्तांतरण द्वारा उन्मूलन और निवेश के साथ स्वच्छ भारत की ओर ले जाने के लिए मार्ग सुधारों के होकर गुजरता है स्वच्छ भारत का लक्ष्य प्राप्त करने के लिए और सार्वजनिक स्वास्थ्य सेवाओं को मजबूत करने की आवश्यकता है युवाओं के लिए जल निकासी व्यवस्था रुके हुए जल के स्रोत जैसे दलों और तालाबों की गैर मौजूदगी और पीने के पानी की आपूर्ति और मिलाते हैं सभी लोकहित के सर्वेक्षण सर्वोत्तम उदाहरण है और उन्हें सरकार के प्रभाव से वंचित हैं स्वच्छ भारत प्रत्येक राज्य को एक प्रथम लोक स्वास्थ्य विभाग की स्थापना करने के लिए प्रोत्साहित करेगा जो कि सार्वजनिक स्वास्थ्य सेवाएं प्रदान करने के लिए उत्तरदाई होंगे
With the provision of 100% sewerage and drainage system in all urban towns, conservation disposal of effluents totally cleaned and used for water irrigation and a complete ban on drainage and migration of sewage and rivers, an effective sewerage and birth drainage system making an effective sewerage and birth drainage system both in the urban and rural areas where the last wastematerial needs to be reused in the slums of rural households and 1:00 % % in the slum areas. Sanitary toilets should be arranged to either strengthen or impound all open grounds in urban and rural areas, all drains should be laid down in both urban and rural areas. Garbage should be banned mostly on paper and plastic. Both in urban and rural areas, streets and roads should be cleaned in both urban and rural areas, and should be kept clean and clean, more important than others. The programme can carry out a major task by 2019. The programme can be undertaken by the departments of the state departments in formulating the programme, for monitoring and partial work, it would be appropriate to provide a centrally - plan framework, and in view of measures designed to convene a council of chief ministers of the states and to produce an estimate of the cost by handing it over to them, that the next ministry may be required to set up, at the state level, October 2019, to work out a fiscal and lighting framework for this. Of doing



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